
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर करोड़ों रुपये की ठगी का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि शिक्षक ने अपनी पत्नी और परिजनों के नाम पर तीन कंपनियां बनाईं और सैकड़ों निवेशकों से भारी रकम जुटाई। इन कंपनियों में सर्व माइक्रो फाइनेंस इंडिया एसोसिएशन कंपनी, दून समृद्धि निधि लिमिटेड और दून इंफ्राटेक कंपनी शामिल हैं।
पीड़ितों का कहना है कि साल 2021 में शुरू हुई इन कंपनियों ने दैनिक जमा, आवर्ती जमा, फिक्स्ड डिपॉजिट, मंथली इन्वेस्टमेंट और सुकन्या योजना जैसी स्कीमें चलाईं और अतिरिक्त ब्याज व मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में कुछ लोगों को भुगतान भी हुआ, लेकिन समय पूरा होने के बाद कंपनी ने मूल रकम तक लौटाना बंद कर दिया।
शनिवार को 50 से अधिक पीड़ित एसएसपी अजय सिंह से मिलने पहुंचे। कुछ महिलाएं रोते हुए बोलीं कि अब उन्हें गिरफ्तारी का डर सताने लगा है, क्योंकि उन्होंने रिश्तेदारों और परिचितों से पैसे जुटाकर कंपनियों में निवेश कराया था। एसएसपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
150 करोड़ रुपये का लेनदेन
पुलिस जांच में सामने आया है कि शिक्षक द्वारा बनाई गई तीनों कंपनियों में चार साल में करीब 150 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। आरोपी शिक्षक की पत्नी और परिजन इन कंपनियों के डायरेक्टर बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी के दो बच्चे उत्तराखंड के एक नामी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की पढ़ाई कर रहे हैं।
एसएसपी अजय सिंह ने शिकायतकर्ताओं से पूरी जानकारी लेने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक दो बैंक खाते फ्रीज किए जा चुके हैं, जबकि छह और खातों की जानकारी मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
लोन लेकर लगाया था पैसा
पीड़ितों में शामिल शिक्षा विभाग के कर्मचारी विनोद कुमार ने तहरीर में बताया कि उन्होंने बैंक से लोन लेकर कंपनी में निवेश किया था। अब वह लोन की किश्तें चुका रहे हैं, जबकि पैसा वापस नहीं मिला। आरोपियों ने दावा किया था कि उनका कुमाऊं में रियल एस्टेट कारोबार है और वहां फ्लैट बनाए जा रहे हैं, लेकिन अब सबकुछ धोखाधड़ी साबित हो रहा है।
एसएसपी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही मुख्य संचालकों को गिरफ्तार किया जाएगा।
(स्रोत: वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट, इनपुट्स स्थानीय संवाददाता देहरादून)







